मुख्यमंत्री सैनी ने नई दिल्ली में इंडो जापान कॉन्क्लेव को किया संबोधित
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने जापान के निवेशकों को दिया प्रदेश में पार्टनरशिप का निमंत्रण

कलम बाण दिल्ली/चंडीगढ़
मिलन सिंह : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और जापान के बीच वर्षों से मजबूत राजनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी रही है। नेक्स्ट जनरेशन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए जापान के साथ मिलकर रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स बन सकती है जिससे स्मार्टर, ग्रीनर ओर समृद्ध भविष्य का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के दौरान कही। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।सैनी ने सम्मेलन में पहुंचे जापान के निवेशकों को हरियाणा के साथ पार्टनरशिप करने का निमंत्रण दिया। यह पार्टनरशिप नवाचार, निर्माण, प्रौद्योगिकी, स्थिरता व भविष्य के लिए होगी।उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न प्रमुख विकास परियोजनाओ में जापान की उन्नत तकनीक और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत-जापान साझेदारी का सबसे जीवंत और सफल मॉडल किसी राज्य में दिखाई देता है, तो वह हरियाणा है, जहां जापानी निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग ने विकास को नई गति दी है।
“भारत में जापानी औद्योगिक विकास का प्रमुख हब बना हरियाणा”
मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि आज हरियाणा भारत में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। प्रदेश में लगभग 394 जापानी उद्योग तथा 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, भारत-जापान की यह साझेदारी लगातार और अधिक मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान जापानी कंपनियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। यात्रा के दौरान जापान की 9 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हरियाणा में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश का भरोसा जताया। यही विश्वास हरियाणा को जापानी कंपनियों के लिए “होम अवे फ्रॉम होम” बना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास केवल बिजनेस-टु-बिजनेस या गवर्नमेंट-टु-गवर्नमेंट संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम एच 2एच यानी ‘हार्ट टू हार्ट’ रिश्तों को अधिक महत्व देते हैं।



