25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित, विद्यालयों में श्रमदान होगा अनिवार्य : मुख्यमंत्री सैनी

कलम बाण चंडीगढ़
नरेश सरोहा : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के सुझावों को स्वीकार करते हुए हरियाणा के सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्रमदान को अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे तथा शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों की शुरुआत की। वर्ष 2026-27 के बजट घोषणा के अनुरूप पहले चरण में चिन्हित 250 विद्यालयों का शुभारंभ किया गया। इन विद्यालयों को प्रधानमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और आदर्श विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा ।
ये विद्यालय हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे तथा इनमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालयों में आधुनिक संसाधन, बेहतर आधारभूत ढांचा, प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का चयन स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।



