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स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता अनिवार्य, एक भी स्तंभ कमजोर हुआ तो लोकतंत्र डगमगाएगा : अनिल विज

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कलम बाण अंबाला
नरेश सरोहा : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पत्रकारों की स्वतंत्रता अति आवश्यक है क्योंकि लोकतंत्र के चार स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया/प्रैस) में से एक स्तंभ भी कमजोर होगा तो लोकतंत्र डगमगा जाएगा। विज ने कहा कि स्वतंत्र लोकतंत्र तभी रह सकता है, जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी का सही निर्वहन करें क्योंकि आज के युग में पत्रकार सीसीटीवी की तरह होने चाहिए और समाज की हर गतिविधि को सरकार तक पहुंचाने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने हेतू एक सेतू की तरह कार्य करें। इसके अलावा, श्री विज ने कहा कि मीडिया जगत में कार्य करने वाले पत्रकारों को डिजीटल/तकनीक का भी सटीक रूप से प्रयोग करना चाहिए ताकि सच दुनिया को बताया जा सकें। विज आज अंबाला के किंगफिशर पर्यटन स्थल मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य-अतिथि उपस्थित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन की गतिविधियों एवं पत्रकारों के कल्याण हेतू 31 लाख रूपए की राशि अपने ऐच्छिक कोष से देने की घोषणा की।
विज ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है तथा सरकार व जनता के बीच मीडिया एक मजबूत कड़ी होता है, जो जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र प्रणाली में चार स्तंब होते है जिनमें विधायिका, कार्य पालिका, न्याय पालिका और मीडिया/प्रैस होती है ।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार मीडिया जगत में आधुनिकता का संलग्न हुआ है और डिजीटल क्रांति ने मीडिया को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता में डिजीटल क्रंाति की गति ने नए पहिए लगा दिए हैं। आज हम डिजीटल क्रांति से जुडक़र ब्रेकिंग न्यूज में जी रहे हैं और इंटरनेट और स्मार्टफोन ने पत्रकारिता को ड्राइंग रूम से निकालकर हर इंसान की हथेली में पहंुचा दिया है क्योंकि कही पर भी यदि कोई घटना होती है तो वह अब मोह्ल्ले या शहर में ना रहकर देश और विदेश में सैकेंडों लोगों तक पहुंच जाती है और यह सब डिजीटल क्रांति की देन है।

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