पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्र सेवा को ही अपना धर्म मानते थे : मुख्यमंत्री नायब सैनी

कलम बाण पंचकूला
नरेश सरोहा : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का मार्ग है। विचार, संस्कार और समर्पण ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए भाजपा सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘‘समर्पण दिवस’’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं भी गिनवाई। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित दीन दयाल जी एक ऐसे राजनेता थे, जिन्हे सत्ता का कोई आकर्षण नहीं था, उनका जीवन गरीब व्यक्ति को कैसे सशक्त और मज़बूत किया जाए इसके लिए वे दिन रात काम में लगे रहते थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी ईमानदारी के प्रतिमूर्ति थे, दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर राष्ट्र सेवा में निरंतर लगे रहते थे और राष्ट्र सेवा को ही अपना धर्म मानते थे।
श्री सैनी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अद्भूत प्रतिभा को देखकर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि अगर मुझे दो और दीनदयाल मिल जाए तो मैं भारत की राजनीति का नक्शा बदल दूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘‘थ्री इन वन’’ थे, वो एक समर्पित राजनेता, एक महान चिंतक और कुशल संगठनकर्ता थे। सीएम सैनी ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने भारतीय जीवन दर्शन, भारतीय रीति नीति, संस्कृति, परम्पराओं तथा सामाजिक ताने-बाने के अनुरूप एकात्म मानववाद और अंत्योदय जैसे कालजयी सिद्धांतो का प्रतिपादन किया था। उपाध्याय जी कहा करते थे कि समाज की प्रगति का मूल्यांकन शिखर पर खड़े व्यक्ति से नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की हालत से होना चाहिए। उनका मानना था कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त नहीं होगा तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भाजपा मुख्यालय पंचकमल पहुंचने पर जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्षा बंतो कटारिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व महापौर कुलभूषण गोयल, समर्पण दिवस के जिला संयोजक अमरिंदर सिंह, सहसंयोजक बिन्दर गुर्जर, जिला महामंत्री जय कौशिक सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



