बटाला दोहरा हत्याकांड: गैंगस्टर हैप्पी जट्ट के तीन गुर्गे भूटान भागने की कोशिश करते समय अंतरराष्ट्रीय सीमा से गिरफ्तार

कलम बाण बटाला
राकेश : बटाला में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल में भारत-भूटान सीमा से विदेश में छिपे फरार गैंगस्टर हैप्पी जट्ट के तीन गुर्गों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे भूटान भागने की कोशिश कर रहे थे। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
“ऑपरेशन नेस्ट रैकर” नाम के तहत चलाए गए इस अभियान को एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) आशीष चौधरी के नेतृत्व में ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) और बटाला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर के कथूनंगल निवासी जतिन सिंह, तरनतारन के गांव संगर कोट निवासी साजनदीप सिंह तथा अमृतसर के बलिया मंझपुर निवासी महिकदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोपी जतिन सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को रात 9 बजे के करीब बटाला के गांव भोमा में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अज्ञात हमलावरों ने तीन व्यक्तियों पर गोलियां चलाई थीं। इस घटना में दो व्यक्तियों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीसरा व्यक्ति घायल हो गया था। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे फरार हैंडलर हैप्पी जट्ट के निर्देशों पर काम कर रहे थे और उसी के आदेश पर उन्होंने इन योजनाबद्ध हत्याओं को अंजाम दिया था। डीजीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय संबंधों, लॉजिस्टिक सहायता, हथियारों की खरीद और मामले में शामिल अन्य सहयोगियों की भूमिका सहित पूरी साजिश का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।



